श्री गणेश जी की आरती ,Ganesha Arti In Hindi


lord Ganesha aarti


जय श्री गणेश, read in english

गणेश जी की आरती की पेशकश का मुख्य उद्देश्य
भगवान श्री गणेश जी को हिन्दू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान मिला हुआ है। गणेश जी को शुभ का प्रतिक कहा जाता है। हमारे हिन्दू धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणेश जी की पूजा की जाती। सभी हिन्दू गणेश जी की मूर्ति को अपने दरवाजे पे लगा कर रखते हैं यह सोच कर की इनके रहने से घर में शुभ काम होंगे तथा बुराइयों का नाश होगा।गणेश जी की पूजा तो हर दिन होती है लेकिन श्री गणेश चतुर्थी के दिन इनकी पूजा बहुत ही भव्य तरीके से होती है ।

यह दिन गणेश जी के जन्मदिन के तौर पे मनाया जाता है। इस त्यौहार को गणेश महोत्सव के नाम से भी जाना जाता है भारत में। गणेश जी की आरती एक उत्तम आरती है जो हमारे जीवन में अत्यंत जरुरी है। गणेश जी की आरती एक मधुर और बहुत ही मन को शांति प्रदान करने वाली आरती है।गणेश जी की आरती हर दिन करने से हमें शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है। ।


जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी।

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया
बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया।

'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥