श्री विष्णु जी की आरती ,Vishnu ji ki Arti In Hindi


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Lord vishnu aarti in hindi read in english

भगवान विष्णु को इस दुनिया का सृजन करने वाला कहा जाता है। भगवान् विष्णु ने इस दुनिया की रक्षा करने के लिए इस धरती पे कई बार जनम लिया और इस धरती से अत्याचार को खत्म किया। ये हमारे पालक हैं। हमें भगवान् विष्णु की आराधना मन से हर दिन करनी चाहिए। भगवन विष्णु सक्रिय रूप से हमारे जीवन को संचालित करते हैं। जिन लोगो के जीवन में भगवन विष्णु की कृपा हो जाती है। उनका जीवन आसान और भाग्यशाली होता है। भगवान विष्णु श्रेष्ठ हैं। भगवन विष्णु की आरती बहुत ही मधुर है। हर दिन सुबह स्नान करने के बाद इनकी आरती करनी चाहिए। इनकी आरती करने से हमारे जीवन में तरक्की तथा स्वाभिमान मिलता है।


ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय॥


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